1008 ANANT SRI DARIYAV JI MAHARAJ अनंत विभूषित १००८ दरियाव जी महाराज
समुझत सरिस नाम अरु नामी। प्रीति परसपर प्रभु अनुगामी॥ नाम रूप दुइ ईस उपाधी। अकथ अनादि सुसामुझि साधी॥